प्रथम तीन पंचवर्षीय योजनाओं के उद्देश्य तथा महत्व क्या-क्या थे
प्रथम पंचवर्षीय योजना प्रथम पंचवर्षीय योजना अप्रैल 1951 में आरंभ की गई योजना के प्रारंभ होते समय देशवित्तीय विश्वयुद्ध और विभाजन के पश्चात अर्थव्यवस्था में उत्पन्न असंतुलन से जूझ रहा था रहा था
न्यूज़ और विभाजन के कारण युद्ध और विभाजन के कारण अर्थव्यवस्था में उत्पन्न असंतुलन को ठीक करना भविष्य के लिए अर्थव्यवस्था के विकास की प्रक्रिया का प्रारंभ करना शरणार्थियों का पुनर्वासन गंभीर खाद्य संकट का सामना करने के उद्देश्य तीव्र गति से कृषि का विकास मुद्रास्फीति पर नियंत्रण लगाने हेतु उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन में वृद्धि करना
उपलब्धियां :-अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रथम योजना काफी हद तक सफल रहे ।घरेलू उत्पाद में स्पष्ट रूप से वृद्धि हुई, राष्ट्रीय आय में कुल 18 % तक प्रति व्यक्ति आय में 11% की वृद्धि हुई खाद्यान्नों का उत्पादन 20 %कपास का 45 % तिलहन 8 %बढ़ गया। प्रथम पंचवर्षीय योजना के लक्ष्य स्तर पर तय किए जाए तथापि अपने लक्ष्य को पाने में योजना काफी हद तक सफल रहे।
द्वितीय पंचवर्षीय योजनाः:- प्रथम पंचवर्षीय योजना की सफलता से नियोजन कर्ताओं का उत्साह बढ़ा महालनोविस मॉडल पर आधारित योजना तीव्र एवं बड़े पैमाने पर और दही करन पर ध्यान देने के लिए बनाई गई थी
उद्देश्य :- राष्ट्रीय आय में वद्धि करना ताकि देश का जीवन स्तर उन्नत हो सके ,अभिकरण जिसमें आधारभूत एवं भारी उद्योग पर विशेष बल हो रोजगार के अवसर में भारी वृद्धि तथा आय एवं संपत्ति की चिंताओं में कमी करना वास्तव में इस चारों की संपूर्ण भारी नियोजन पद्धति की मूलभूत उद्देश्य है
उपलब्धियां :- द्वितीय योजना अति महत्वाकांक्षी दिया था इसमें सफलता अपेक्षा से कम रही ।राष्ट्रीय आय में 4% ,प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 1.9% तथा बड़े उद्योग में से 7.25% वृद्धि हुई। इस अवधि में अर्थव्यवस्था को अनेक संकट जैसे मानसून की असफलता, सवेज से नहर का संकट विदेशी विनिमय की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा अतः वास्तविक निष्पत्ति की दृष्टि से यह योजना असफल ही मानी जाएगी।
तृतीय पंचवर्षीय योजना तृतीय योजना के आरंभ के समय परिस्थितियां वृहद पैमाने के विस्तार कार्यक्रम तथा लंबी अवधि वाली और भारी निवेश वाली परियोजना से विपरीत थी।
उद्देश्य कृषि और उद्योग उद्योग का संतुलित विकास हो राष्ट्रीय आय में प्रतिवर्ष 5% की वृद्धि करना के मामले में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना आधारभूत उद्योग जैसे स्पात रसायन इंधन तथा विद्युत आदि का विस्तार करना रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना
उपलब्धियां :-तृतीय पंचवर्षीय योजना सर्वाधिक असफल योजना मानी जाती है ।योजना के प्रथम 3 वर्षों में देश के सूखे सूखे का सामना करना पड़ा इसके साथ ही सन 1962 ईस्वी में चीन तथा सन् 1965 ईस्वी में पाकिस्तान के साथ दो विनाशकारी युद्धों का सामना करना पड़ा योजना में राष्ट्रीय आय में 2.3% प्रति वर्ष तथा प्रति व्यक्ति आय में 0.1% की वृद्धि हुई है।
Comments
Post a Comment