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Showing posts from March, 2023

सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय

 बहुमुखी प्रतिभा के साहित्यकार हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय जी का जन्म 7 मार्च सन 1911 को उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला अंतर्गत कसया गांव में हुआ था ।1929 में बीएससी तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने स्वाध्याय से अंग्रेजी और हिंदी साहित्य का अध्ययन किया ।कुछ दिन तक जोधपुर विश्वविद्यालय में भी कार्यरत रहे। इनका जीवन यायावरी तथा क्रांतिकारी था ।यह सांस्कृतिक कार्यों के लिए अमेरिका भी गए। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में भी दिनमान ,प्रतीक और दैनिक नवप्रभात टाइम्स मे  संपादक के पद पर कार्य किया।               तार सप्तक, दूसरा सप्तक ,तीसरा सप्तक और  रूपांतर इनके द्वारा संपादित काव्य संकलन है । यहीं से इनकी काव्य यात्रा शुरू होती हैं। यह प्रयोगवाद और नई कविता के विशिष्ट कवि हैं । इन्होंने भग्न दूत और  चिंता नामक छायावादी कविताएं लिखी। इनका स्वर अहं से लेकर समाज तक, प्रेम से लेकर दर्शन तक ,प्राचीन गंध से लेकर आधुनिक चेतना तक, यांत्रिक सभ्यता से लेकर मानव परिवेश तक,  यातना बोध से लेकर विरोध की ललकार तक ,मानव शरीर से लेकर प्रकृत...

2023 important questions history

 * पेशेवर इतिहास किसे कहते हैं ?पेशेवर  इतिहास तथा गैर पेशेवर इतिहास में क्या अंतर है? Answer.  19वीं शताब्दी में  इतिहासकारों के द्वारा स्वतंत्र और निष्पक्ष भाव से शिक्षा और ज्ञान की दृष्टि से इतिहास की घटनाओं को समय व्यक्ति स्थान और सत्य घटनाओं के प्रमाणिकता के साथ लिखे गये। उनकी इसी दृष्टि से लिखे गए इतिहास को पेशेवर इतिहास कहा जाता है। पेशेवर और गैर पेशेवर इतिहास में अंतर--: पेशेवर और गैर पेशेवर दोनों ही इतिहास के अंग है फिर भी इन दोनों में अंतर देखा जाता है। पेशेवर इतिहास लेखन की परंपरा 19वीं शताब्दी में उपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद की घटते प्रभाव के बाद शुरू हुई तो गैर पेशेवर इतिहास लेखन की परंपरा इतिहास लेखन काल से चली आ रही है ।पेशेवर इतिहास लेखन में समय, स्थान, व्यक्ति और घटनाओं को अधिक महत्व दिया जाता है जबकि गैर पेशेवर इतिहास में केवल रोचक और मनोरंजन कोई महत्व दिया जाता है ।पेशेवर इतिहास स्वतंत्र निर्पेक्ष  इतिहासकारों द्वारा तर्क ,अनुसंधान और प्रमाण के आधार पर लिखे जाते हैं जबकि गैर पेशेवर इतिहास राजाओं ,महाराजाओं ,सुल्तानों ,नवाबों जैसे शासकों के व्यक...