शिक्षा में अवधान के महत्व का संक्षिप्त वर्णन कीजिए
अथवा
अवधान से क्या समझते हो? शिक्षा में अवधान की भूमिका का वर्णन कीजिए?
उतर:- किसी वस्तु या विचार आदि पर चेतना केंद्रित करने की मानसिक प्रक्रिया को ध्यान या अवधान कहते हैं।
अवधान का महत्व:- सीखने में अवधान का महत्वपूर्ण स्थान होता है बच्चों का ध्यान कक्षा की ओर आकर्षित करने के लिए मनोवैज्ञानिक कौन है निम्नलिखित बातों की और शिक्षकों का ध्यान आकर्षित करने की बात कही है:-
*वातावरण :- किसी पाठ की ओर बच्चों का ध्यान केंद्रित करने से पहले कक्षा का आंतरिक और बाहरी वातावरण शांत होना चाहिए विद्यालय में भी घर जैसा अपनापन और जीवन उपयोगी वस्तुओं की उपस्थिति में बच्चों में जिज्ञासा पर उत्पन्न होगी और वह सदैव विद्यालय आने को उत्सुक रहेगा।
*विषय परिवर्तन :- लगातार एक ही विषय को पढ़ने से बच्चों में पढ़ाई के प्रति निरसता देखने को मिलता है ।अतः ऐसी स्थिति में यह आवश्यक है कि विभिन्न विषयों को बदल बदल कर पढाना चाहिए जिससे कि बच्चों के अंदर पढ़ने के प्रति रुचि जागृत हो।
*अध्यापन विधि:- बच्चों को अपने पाठ की ओर ध्यान आकर्षित कराने के लिए अध्यापक को अध्यापन विधि को अपनाना चाहिए जो कि शिक्षा की एक आवश्यक अंग है ।परंपरागत पद्धति के स्थान पर आधुनिक मनोवैज्ञानिक विधियो के द्वारा बच्चे विषय के प्रति अधिक आकर्षित होते हैं इसीलिए उन्हें आधुनिक विधियो के द्वारा पढ़ना चाहिए जिससे कि उनका ध्यान।
*योग्य अध्यापक:- योग्य अध्यापक अवधान के लिए शिक्षकों का योग होना अति आवश्यक है शिक्षकों का आकर्षक व्यक्तित्व मानसिक योग्यता न्याय प्रियता सामाजिकता आदि बच्चों को उनकी ओर आकर्षित करता है जिससे बच्चे अपने विषय के प्रति ध्यान केंद्रित कर पाते हैं
*विषय की सार्थकता:- किसी पाठ को आरंभ करने से पहले बच्चों को विषय वस्तु की सार्थकता एवं उपयोगिता से अवगत कराना चाहिए जिससे कि बच्चों का ध्यान उसकी ओर आकर्षित हो या वह उसे जानने के लिए ललाइत हो।
इस प्रकार हम देखते हैं कि शिक्षा में अवधान एक विशेष भूमिका के रूप में नजर आती है अतः अवधान के बिना शिक्षा तथा जीवन से जुड़ी किसी भी क्षेत्र में सफलता पाना कठिन होता है।
2) शिक्षा तकनीकी में स्किनर का बक्सा क्या है? स्किनर के बक्से का प्रयोग का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उतर:-
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