प्राचीन भारत के प्रमुख विश्वविद्यालय

 प्राचीन भारत की शिक्षा व्यवस्था के किसी भी एक शिक्षण केंद्र का संक्षिप्त विवरण दीजिए

                   Give a brief description of the education system of any of the centers of learning ancient India. 

बौद्ध काल में जनतांत्रिक भावनाओं का विकास हो रहा था, इसलिए जन समान्य की शिक्षा के लिए अनेक प्रसिद्ध केंद्रों की स्थापना हो चुकी थी ।इसी तारतम्य में उच्च शिक्षा के विभिन्न केंद्र भी स्थापित हो गए, जिन्हें विश्वविद्यालय के रूप से जाना जाता है ।उस काल में कुछ प्रमुख विश्वविद्यालय का सामान्य परिचय इस तरह है।

तक्षशिला विश्वविद्यालय :-

प्राचीन भारत के अत्यधिक प्रसिद्ध विश्वविद्यालय तथ्य थे तक्षशिला था ऐसा माना जाता था कि विश्वविद्यालय आधुनिक रावलपिंडी से लगभग 20 मील पश्चिम में स्थित था यह विश्वविद्यालय पहले वैदिक शिक्षा का प्रमुख केंद्र था तथा बौद्ध काल में इस विश्वविद्यालय में बौद्ध शिक्षा के एक प्रसिद्ध संसाधन का रूप ग्रहण कर लिया। 600 ईसा पूर्व में तक्षशिला विश्वविद्यालय की शैक्षिक गतिविधियां पराकाष्ठा पर थी इस विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने वालों में से प्रमुख थेः- व्याकरण आचार्य पाणिनी, कूटनीतिज्ञ चाणक्य, अर्थशास्त्र कॉटिल्या ,महान चिकित्सक जीवन ,सम्राट चंद्रगुप्त तथा पुष्यमित्र ।ऐसा माना जाता है कि पांचवी शताब्दी में बबर्र जाति हुचो ने इस विश्वविद्यालय को नष्ट कर दिया था।

नालंदा विश्वविद्यालय

प्राचीन भारतीय विश्वविद्यालय में नालंदा विश्वविद्यालय का भी महत्वपूर्ण स्थान था यह प्राचीन विश्वविद्यालय वर्तमान पटना नगर से 50 मील दूर दक्षिण में स्थित था एक बहुत बड़ा विश्वविद्यालय था। इसमें असंख्य कक्ष ,सभागार छात्रावास तथा तालाब आदि थे ।इस विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेशों से भी छात्र आया करते थे इस प्रकार कहा जा सकता है कि नालंदा विश्वविद्यालय एक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विश्वविद्यालय था। गुप्त सम्राटों ने नालंदा विश्वविद्यालय को विशेष संरक्षण प्रदान किया था। इस विद्यालय में सभी विषयों का अध्ययन होता था। इस विश्वविद्यालय को बख्तियार खिलजी ने 12वीं शताब्दी में पूरी तरह से नष्ट कर दिया धनसंपदा को लूट लिया।

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