बांग्लादेश के उदय एवं उसमें से रहमान का भूमिका
एक स्वतंत्र देश के रूप में बांग्लादेश के उदय एवं उसमें शेख मुजीबुर रहमान की भूमिका का वर्णन कीजिए
भारत विभाजन के समय पूर्वी बंगाल को भी पाकिस्तान के अंतर्गत रखा गया था क्योंकि वहां के बहुत संख्यक निवासी इस्लाम के अनुयाई थे, परंतु भाषा और भौगोलिक दशा, संस्कृति तथा ऐतिहासिक परंपरा आदि की दृष्टि से पूर्वी बंगाल का शेष पाकिस्तान से कोई भी एक्य नहीं था। भाषा एवं संस्कृति आदि के भेदों के कारण पूर्वी बंगाल में यह आंदोलन जोर पकड़ने लगा कि पाकिस्तान में उनकी स्थिति एक स्वराज्य की होनी चाहिए यह तभी हो सकता था जब पाकिस्तान को एक संघ राज्य का रूप प्रदान कर दिया जाए ।पूर्वी बंगाल में स्वायत्त शासन प्राप्त करने हेतु आंदोलन के प्रमुख निम्नलिखित कारण थे --
पश्चिमी पंजाब और सिंध के संपन्न लोगों द्वारा बंगाल के आर्थिक जीवन पर प्रभुत्व स्थापित कर वहां के कारखानों को अपने अधिकार में ले लिया गया था जिससे बंगालियों का आर्थिक शोषण होता था पूर्वी बंगाल के राज पदाधिकारियों तथा सैनिक अफसरों में पंजाबियों की प्रमुखता थी और बंगालियों को ही दष्टि से देखते थे। पाकिस्तान की राजकीय आमदनी के बड़े भाग को पश्चिमी पाकिस्तान पर खर्च किया जाता था जबकि पूर्वी बंगाल की आबादी अधिक थी और आय का अधिकांश भाग में उनसे प्राप्त होता था उर्दू को पाकिस्तान की प्रधान राजकीय भाषा स्वीकार किया गया था एवं बांग्ला भाषा की उपेक्षा की जाती थी।
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