चीन पर थोपी गई असमान संधियों का विवरण

 *     चीन पर थोपी गई असमान संधियों का विवरण संक्षेप में दीजिए।

इतिहासकार वांगडोंग का कहना है कि  असम्मान संधि की बात बहुत दिनों से प्रचलित है एवं व्यापक रूप से वह व्यवहृत  होने पर भी इसके स्पष्ट अर्थ का अभाव है। इसके बाद भी अधिकतर इतिहासकार चीन से की गई संधियों को असमान एवं आरोपित मानते हैं इन संधियों का विवरण निम्नलिखित है :-

1 नानकिंग की संधि:- अपने लाख प्रयास के बाद भी चीनी प्रथम अफीम युद्ध में पराजित हुए और अंग्रेजों के आक्रमण से अपने बंदरगाह को बचा नहीं सके ।अपने को दयनिय स्थिति में देख चीनियो  ने अंग्रेजों से नानकिंगकी संधि 1842 में की। इस संधि की प्रमुख शर्तें थी :-

1। इनके अपने पांच बंदरगाह कैंटन, एमय, फुचाऊ, निंगपो, एवं शंघाई को अंग्रेजों के लिए खोल देना पड़ा अतः इसे बंदरगाहों की संधि भी कहा जाता है ।यहां उल्लेखनीय है कि विदेशियों के दबाव में चीन को अन्य बंदरगाह भी विदेशियों के लिए खोलने पड़े ।ऐसे सभी बंदरगाहों को संधि बंदरगाह कहा गया ।

2।  हांगकांग बंदरगाह अंग्रेजो के लिए छोड़ दिया गया

 3  लिन द्वारा नष्ट की गई अफीम के बदले चीन को 21 मिलियन डॉलर की क्षतिपूर्ति करनी पड़ी ।

4  चीनी सरकार आयात और निर्यात पर न्यायिक और एक समान कर लगाने के लिए तैयार हो गई ।

5  चीनी व्यापारिक संस्था कोहांग को समाप्त कर दिया गया है। 

6 इस संधि का एक महत्व यह भी है कि इससे चीन  का एकाकीपन समाप्त हो गया ।

7  गैर कानूनी अफीम व्यापार कानूनी हो गया।

बोग की संधि-: नागिन की संधि पर हस्ताक्षर होने के बाद 1 वर्ष के भीतर ही सन 18 सो 43 में 1843 मे चीन को बुक की संधि पर हस्ताक्षर करना पड़ और अतिरिक्त छूट मिली अंग्रेजों को इस संधि से अतिरिक्त राष्ट्रीय अधिकार मिले इस और समान संधि की प्रमुख बातें थी नंबर वन कौन बना कर यदि अंग्रेजी में कोई अपराध करेंगे तो उनका निर्णय चीनी कानून द्वारा नहीं अपितु अंग्रेजी कानून द्वारा होगा इससे चीन की संप्रभुता पर  आक्रमण हुआ अंग्रेजों को चीन द्वारा मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया गया इसका अर्थ यह था कि भविष्य में चीन यदि किसी देश को कोई सुविधा देगा तो वह सुविधा उसे अंग्रेजों को भी देनी होगी 

       इन दोनों संधियों के परिणाम स्वरुप फ्रांस बेल्जियम अमेरिका रसिया पुर्तगाल इंग्लैंड आदि देश चीन के भीतरी भाग मैं जाकर अनेक प्रकार की व्यापारिक सुविधा प्राप्त करने लगे वागंहिया की  संधि :- संयुक्त राज्य अमेरिका ने रंगिया की संधि चीन पर इस संधि द्वारा अमेरिका ने अति राष्ट्रीय अधिकार प्राप्त किए 

हम बुआ की संधि 24 अक्टूबर 1844 ने फ्रांस ने कहा कि संदीप चीन पर गोपी इस संधि द्वारा 3 को फ्रांसीसी व्यापारियों के लिए अन्य नए 5 बंदरगाह खोलने पड़े चीन में फ्रांसीसी नागरिकों को राष्ट्रीय सुविधा देनी पड़ी  चीनी और फ्रांसीसी व्यापारियों के बीच वाणिज्य शुल्क निश्चित हुआ आई गुण की संधि सन 18 सो 56 में चीन के विरोध में फ्रांस और इंग्लैंड द्वारा फ्रांस इंग्लैंड द्वारा द्वारा द्वितीय अफीम युद्ध शुरू हुआ युद्ध में चीन पराजित हुआ चीन की पराजय का लाभ उठाकर रसिया ने चीन से 18 से 56 में आईगुन की संधि की।  इस संधि के द्वारा रसिया ने चीन के उत्तरी भाग के कुछ आप पर अधिकार कर लिया इस संधि द्वारा यह निश्चित हुआ कि चीन की आमू उसरी नदियों में एकमात्र चीन और रतिया की नाव काय चलेगी तीन्नसन। कि संधि 

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