What are the characteristic of the Government of India act 1919?
Or critically analyse the montague chemsfor reforms of 1919
अधिनियम की प्रस्तावना 1919 के भारत सरकार अधिनियम की प्रस्तावना में कहा गया है कि भारत अंग्रेजी साम्राज्य का अभिन्न अंग रहेगा भारत में उत्तरदाई सरकार की स्थापना क्रमशः की जाएगी इसके लिए प्रशासन विभागों में भारतीय की सहभागिता बढ़कर धीरे-धीरे अवतार शासन लगाया जाएगा इसमें कहां गया है कि प्रांत में स्वास्थ्य शासन बढ़ाने के साथ ही आवश्यक है की प्रति को सरकार के नियंत्रण से जहां तक संभव हो मुक्त करने का प्रयास किया जाएगा।
अधिनियम की धाराओं की मुख्य विशेषता
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपने 1916 के प्रस्ताव में कहां तक की भारत पर शासन दिल्ली व शिमला से होना चाहिए ना कि व्हाइट हॉल तथा डाउनिंग जिला से इस मांग को आसान रूप से स्वीकार करते हुए घरेलू सरकार व्यवस्था में निम्नलिखित परिवर्तन किए गए
भारत मंत्री के संबंध में परिवर्तन:- इस अधिनियम के अनुसार मंत्री का वेतन भारतीय राजस्व के बदले इंग्लैंड के राजकोष से देना निश्चित किया गया इसके अधिकारी एवं कार्यों में भी कुछ कमी की गई है उसके पास केवल विदेशी से संबंध सैनिक कार्य चुंगी ई वह सार्वजनिक ऋण आदि विषय रखे गए प्रांतीय आए और वह कई अन्य विषयों पर भी उसका नियंत्रण कम कर दिया गया।
भारतीय उच्च आयुक्त की नियुक्ति:- भारत मंत्री के कुछ अधिकारियों को देखकर गवर्नर जनरल के एजेंट के रूप में इंग्लैंड में भारतीय उच्च आयुक्त के पद की स्थापना की गई इस स्टोर विभाग इंग्लैंड में मशीनरी खरीद विभाग तथा भारतीय विद्यार्थी विभाग का कार्य दिया गया।
भारतीय परिषद में परिवर्तन भारत में सदस्यों की संख्या कम से कम 8 और अधिक से अधिक 12 निश्चित की गई जिनमें कम से कम आधे सदस्य ऐसे होने चाहिए थे जिन्होंने 10 वर्ष तक भारत में कार्य या निवास किया हो और इस देश को नियुक्ति तिथि को 15 वर्ष से अधिक पूर्व ना छोड़ा हो इस पद का कार्यकाल 7 वर्ष से 5 वर्ष तक वेतन 1000 पाउंड वार्षिक से बढ़कर 1200 फोन कर दिया गया भारतीय सदस्य के लिए 600 पॉइंट अतिरिक्त भक्तों की व्यवस्था की गई।
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