Isc board class 11 Hindi" शरणागत"
*शरणागत कहानी के शीर्षक की सार्थकता व्यक्त कीजिए।
:- 'शरणागत "कहानी "वृंदावन लाल शर्मा "के द्वारा रचित एक ऐसी कहानी है जिसके माध्यम से भारतीय संस्कृति की महानता को दर्शाया गया है। कहानी का मुख्य पात्र रज्जब जो कि पेशे से एक कसाई है । अपनी बीमार पत्नी को लेकर ललितपुर जाता है लेकिन रास्ते में ही उसकी पत्नी की स्वास्थ्य अधिक खराब होने के कारण वह पास के गांव में रात बिताने के लिए शरण ढूंढता है लेकिन उसे कोई भी शरण नहीं देता ।अंत में बहुत विनत करने के बाद राजा ठाकुर के यहां उसे शरण मिलता है लेकिन ,तत्काल सुबह ही उसे ललितपुर जाने के लिए एक गाड़ी में बैठा दिया जाता है ताकि लोगों को यह मालूम ना पड़े कि राजा ठाकुर के यहां इसे शरण मिली थी ।कुछ लोग रज्जब के धन को लूटने के लिए उसे रास्ते मे घेर लेता है जो कि राजा ठाकुर के साथी होते हैं । राजा ठाकुर उन्हें उसे लूटने से रोकता है तथा साथियों के विरोध करने के बाद वह यह स्पष्ट करता है कि रज्जब रात उसके शरण में आया था और यह उसका शरणार्थी है इसीलिए वह रजजब को किसी प्रकार का नुकसान होने नहीं देगा ।वह अपने साथियों से कहता है कि अपने-अपने घर चले जाएं क्योंकि उनके रहते हुए कोई रजब का किसी भी तरह का घात नहीं कर पाएगा । ठाकुर कहता है की शरण में आए लोगों को कभी भी घात नहीं पहुंचाया जाता क्योंकि यह मानवता और संस्कृति दोनों के ही खिलाफ है। रज्जब मेरा शरणार्थी है इसीलिए तुम्हें छोड़कर चले जाओ ।
इस प्रकार हम देखते हैं कि इस कहानी का शीर्षक "शरणागत" पूरी तरह से सार्थक तथा सटीक है।
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