लोकसभा के अध्यक्ष की शक्तियां एवं कार्य

लोकसभा के अध्यक्ष की शक्तियां एवं कार्यों की व्याख्या करें।

उतर :- भारतीय संसद के प्रथम सदन की अध्यक्षता अध्यक्ष द्वारा की जाती है ।लोकसभा के अध्यक्ष का चुनाव लोकसभा के सदस्य के द्वारा ही की जाती है।

अध्यक्ष के कार्य एवं शक्तियांः- 

लोकसभा के अध्यक्ष के कुछ महत्वपूर्ण तथा शक्तियां निम्नलिखित है :-

*  लोकसभा का सभापतित्व करना:-  लोकसभा का सभापति अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। गणपूर्ति के अभाव पर वह कार्यवाही को रोक सकता है।

* सदन में शांति एवं अनुशासन बनाए रखना :- लोकसभा में शांति एवं अनुशासन बनाए रखना अध्यक्ष का एक प्रमुख कार्य है। संसदीय कार्यों के संपादन का दायित्व भी अध्यक्ष के ऊपर होता है।

दोनों सदनो की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करना:- संविधान के अनुच्छेद 118 (4) के अंतर्गत अध्यक्ष सांसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करता है ।इस प्रकार की बैठक कब बुलाई जाती है जब दोनों सदनो में किसी विषय को लेकर गतिरोध पैदा हो जाता है।

* धन विधेयक प्रमाणित करने का अधिकार:- कोई विधायक धन विधेयक है या नहीं इसका फैसला लोकसभा का अध्यक्ष ही करता है।

* संसदीय समितियां का प्रधान:- अध्यक्ष संसदीय समितियां का प्रधान होता है ।विभिन्न संसदीय समितियां के सदस्यों की नियुक्ति अध्यक्ष द्वारा ही की जाती है ।यह सरकार को सदन में आवश्यक सूचना प्रदान करने के बारे में कह सकताहै। कुछ प्रमुख संसदीय समितियां उसके सभापतित्व  के अंतर्गत कार्य करती है।

* प्रशासनिक कार्य :- लोकसभा के अध्यक्ष को कुछ प्रशासनिक शक्तियां भी प्राप्त है वह संसद के सचिवालय का प्रधान होता है तथा सदन के सदस्यों को आवास एवं अन्य सुविधाएं प्रदान करता है

*सदन के सदस्यों के अधिकारों एवं विशेष अधिकारों का रक्षक:- अध्यक्ष लोकसभा के सदस्यों के अधिकारों एवं विशेष अधिकारों का रक्षक होता है।

 *वाद विवाद का समय निश्चित करना:- सदन के नेता की राय से अध्यक्ष विभिन्न विषयों के संबंध में बाद विवाद का समय निश्चित करता है।

* प्रश्नों को स्वीकार करना निर्णायक मत देना:- अध्यक्ष सदन के सदस्यों द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्नों की को स्वीकार करता है। यदि कोई प्रश्न नियम के विरुद्ध होता है तो अध्यक्ष उसे अस्कावीर भी कर देता है।

* निर्णायक मत देना:- साधारण था अध्यक्ष मतदान में भाग नहीं लेता है लेकिन यदि किसी प्रश्न को लेकर संसद के दोनों सदनों में गतिरोध   पैदा हो जाता है ,तो ऐसी स्थिति में अध्यक्ष अपना निर्णायक मत देकर गतिरोध को खत्म करता है।

* सदन को स्थगित करने का अधिकार:- सदन की कार्रवाई के लिए अगर कोई गंभीर व्यवधान पैदा हो जाता है तो अध्यक्ष उपयुक्त समय के लिए सदन को स्थगित कर सकता है।

   लोकसभा के अध्यक्ष के दो महत्वपूर्ण कार्यों जैसे संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करना एवं  धन विधेयक के संबंध में निर्णय देना ने लोकसभा के अध्यक्ष को राज्यसभा के सभापति से अधिक शक्तिशाली बना दिया है।

२)    शुन्यकाल तथा अविश्वास प्रस्ताव क्या है? चर्चा करें।

उतर:-    शुन्य काल(zero Hour) संसद के दोनों सदनों में प्रश्न कल के ठीक बात का समय आमतौर पर (zero Hour)  'शून्य काल' के नाम से जाना जाता है। पहले सुनने कल पूरे 1 घंटे तक चलता था अर्थात 1:00 तक जब मध्यान भोजन के लिए सदन को स्थगित किया जाता था बाद में सातवीं और आठवीं लोकसभा में शुन्य काल सामान्यत 5 से 15 मिनट तक ही चला रहा। किंतु अल्पकालिक नवी लोकसभा में अध्यक्ष रवि राय ने शून्य काल को नए संगत एवं सामान्य बनाने का निर्णय लिया परिणाम स्वरुप सुनने कल 1 घंटे से भी अधिक समय तक चलता रहने लगा।

नियमों में शून्य काल की कहीं कोई चर्चा नहीं है। नियमों की दृष्टि से तथाकथित  शून्य काल एक अनियमितता है क्योंकि मामले बिना अनुमति के अथवा बिना पूर्व सूचना के उठाए जाते हैं तथा इससे सदन का बहुमूल्य समय बर्बाद होता है एवं सदन के अन्य नियमित कार्य में बाधा पहुंचती है इतना ही नहीं इसमें अनेक उत्तेजित सदस्य एक साथ खड़े होकर बोलने लगते  जिससे  कम करने में सुविधा होती है।

अविश्वास प्रस्ताव 

मंत्री परिषद तभी तक पद आसीन रहती है जब तक लोकसभा का विश्वास प्राप्त हो जब लोकसभा द्वारा मंत्री परिषद अथवा किसी मंत्री के विरुद्ध अविश्वास का प्रस्ताव पारित हो जाता है तो सरकार संवैधानिक रूप से  पद त्यागने के लिए बाध्य  हो जाती है ,चाहे प्रधानमंत्री सभा के विघटन की सिफारिश करें या ना करें ।इस विश्वास का पता लगने के लिए नियमों में इस आशय का प्रस्ताव पेश करने का उपबंध है जिससे 'अविश्वास प्रस्ताव' कहा जाता है। मंत्रियों का उत्तरदायित्व सामूहिक सामूहिक होता है ।अतः जब भी विश्वास का प्रस्ताव लगाया जाता है तो यह केवल किसी खास मंत्री के लिए नहीं बल्कि मंत्री परिषद के लिए लाया जाता है किसी खास मंत्री के विरोध विश्वास का प्रस्ताव लाना नियम अनुकूल नहीं है ।

अविश्वास प्रस्ताव के लिए पूर्व सूचना दी जाने आवश्यक होती है केवल अध्यक्ष ही या फैसला ले सकता है कि प्रस्ताव नियम अनुकूल है या नहीं।

 यदि अध्यक्ष यह समझता है कि प्रस्ताव नियमानुकूल है तो प्रश्न काल समाप्त होने पर वह सदस्य से कहेगा की वह सदन  की अनुमति मांगे या अध्यक्ष स्वयं सदन को प्रस्ताव पढ़कर सुनाता है और सदस्यों से जो अनुमति दिए जाने के पक्ष में हो अपने स्थान पर खड़े होने के लिए निवेदन करता है और यदि कम से कम 50 सदस्य अपने स्थान पर खड़े हो जाते हैं तो अध्यक्ष अनुमति दी जाने की घोषणा करता है अन्यथा यह समझा जाता है कि सदस्य को सदन के अनुमति प्राप्त नहीं हुई है ।विश्वास का प्रस्ताव जब एक बार स्वीकार कर लिया जाता है तो अनुमति दिए जाने के 10 दिन के भीतर उसे पर बहस किया जाता है अध्यक्ष सरकार की समिति से प्रस्ताव पर चर्चा करने की तिथि निश्चित करता है ।सदस्य के बोलने के बाद सामान्य सरकार के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का उत्तर प्रधानमंत्री देता है। प्रस्तावक को चर्चा का उत्तर देने का अधिकार होता है ।वाद विवाद समाप्त होने के बाद अध्यक्ष प्रस्ताव को यह मतदान के लिए रखता है एवं मौखिक अथवा मतदान द्वारा इसका फैसला किया जाता है।

 जब सदन की अनुमति मांगने के लिए अध्यक्ष द्वारा सदस्य का नाम पुकारा जाता है तो सदस्य अविश्वास प्रस्ताव की सूचना वापस भी ले सकता  है।

राज्यसभा को अविश्वास प्रस्ताव पर विचार करने का अधिकार नहीं है क्योंकि संविधान में अधिकार केवल निर्वाचित लोकसभा को ही दिया है ।सरकार समूहिक रूप से सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदाई है।

बहुविकल्पीय प्रश्न:-

1) लोकसभा के सदस्य के लिए न्यूनतम आयु होनी चाहिए:-

 a) 18 वर्ष

 b) 21 वर्ष

c)  25 वर्ष

 d) 30 वर्ष।

Ans:- c) 25वर्ष

२)  भारतीय संसद के उच्च सदन में सदस्यों की संख्या होती 

है :-

a) 238 

b)250 

c)500

 d)550

 उत्तर :- ( b) 250 

3)  लोकसभा का कार्यकाल होता है:-

 a)4 वर्ष

 b) 5 वर्ष 

c) 6 वर्ष

 d) 2 वर्ष 

उत्तर:- d)  दो वर्ष 

4)संसद का संयुक्त अधिवेशन बुलाया जाता है :- 

a) प्रधानमंत्री द्वारा 

 b) राष्ट्रपति द्वारा

 C) उपराष्ट्रपति द्वारा

 d) लोकसभा के अध्यक्ष द्वारा

Ans:- राष्ट्रपति के द्वारा

*In case of any dispute about the money bill the final decision is given by:-

a) राष्ट्रपति द्वारा  the president 

b)  प्रधानमंत्री द्वारा the prime minister 

c)  लोकसभा के अध्यक्ष द्वारा the speaker of Lok sabha

 d) उपराष्ट्रपति द्वारा  vice president  

Ans :-c) लोकसभा के अध्यक्ष द्वारा

6) राज्यसभा के सदस्य के लिए न्यूनतम आयु होती है:-

A)  21 वर्ष 

b) 25 वर्ष 

c) 18 वर्ष

d)  30 वर्ष 

उत्तर :-25 वर्ष 

7) लोकसभा की अध्यक्षता की जाती है :-

a) राष्ट्रपति द्वारा

b)  प्रधानमंत्री द्वारा

c)  लोकसभा के अध्यक्ष द्वारा 

d) राज्यसभा के अध्यक्ष द्वारा 

उत्तर :-लोकसभा के अध्यक्ष द्वारा

8)  वर्तमान मैं पश्चिम बंगाल की विधानसभा में सदस्यों की संख्या है :-

a)  354

b)  294 

c) 60

d) 90

Ans :-294

9) राज्य विधानसभा की कार्य अवधि होती है:-

a)  6 वर्ष 

b) 3 वर्ष 

c) 5 वर्ष 

d) 10 वर्ष

 उत्तर :-5 वर्ष

10) भारतीय संसद के किस सदन में धन संबंधी विधेयक पेश किया जाता है?

 उत्तर:- लोकसभा में.

11) लोकसभा में सदस्यों की अधिकतम सीमा कितनी हो सकती है ?

उत्तर :-552 

12) दिव्सदनात्मक राज्य विधायिका के उच्च सदन का नाम क्या है ?

उतर:- विधान परिषद 

१३) राज्य विधान पालिका का अभिन्न अंग कौन है?

 उत्तर:- द गवर्नर ।

14) पश्चिम बंगाल में किस प्रकार की विधान पालिका है?

उतर:- एक सदनात्मक।



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