1)   चीन में 4 में आंदोलन के नेतृत्व के कर्म का विश्लेषण कीजिए तथा इस आंदोलन के महत्व की चर्चा कीजिए

उतर:-  चीन के चार मई का आंदोलन:- सन 1912 से 20 के बीच का समय चीनी इतिहास का आंतरिक संघर्ष और सुधार का काल माना जाता है।* प्रथम विश्व युद्ध में चीन मित्र देशों के साथ रहा तेरी शांति सम्मेलन के चीन की उचित और अन्य संगत प्रदेशों की मांग को अनसुना कर दिया गया। पेरिस शांति सम्मेलन में चीन की उचित और अन्य संगत प्रदेशों की मांग को अनसुना कर दिया गया और चीन के शासको ने इन अन्याय के विरुद्ध आवाज भी नहीं उठाई लेकिन चीन की जनता ने इस देश का अपमान समझा और वर्तमान चीनी शासन और उसके निर्णय के विरुद्ध 4 में 1919 को चीन की राजधानी पेंकिग में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया ।यह विरोध धीरे-धीरे शंघाई कैंटीन आदि अन्य नगरों तक फैल गया ।इस आंदोलन में मध्यवर्ग मजदूर किसान बुद्धिजीवी वर्ग एवं राष्ट्रवादियों ने खुलकर भाग लिया चीन के कोने-कोने से विदेशी शक्तियों का बहिष्कार किया गया इस तरह इस आंदोलन के स्वरूप को निम्न रूपों में देखा जा सकता है।

* 4 में आंदोलन एक राष्ट्रीय आंदोलन था जो विदेशी शक्तियों को चीन से बाहर का देने से जुड़ा था।

* आंदोलन का स्वरूप चीन की वर्तमान राजशाही अराजकता व युद्ध प्रेमी शासन व्यवस्था के अत्याचारों से छुटकारा पाने का था।

* यह आंदोलन राष्ट्रवाद और साम्राज्यवाद के संघर्ष से जुड़ा हुआ था !

*चीन की जनता राजतंत्र को जड़ से उखाड़ कर साम्राज्यवादी शासन स्थापित करना चाहती थी।

* आंदोलन का यह स्वरूप चीन में आंतरिक सुधारो के साथ-साथ विदेश में चीन के मान सम्मान और प्रभाव में वृद्धि से जुड़ा हुआ था।

 इन्हीं कारण से प्रेरित होकर चीन की जनता ने तत्कालीन रास्ता ही और विदेशी शक्तियों के प्रभाव से मुक्त होने और आधुनिक शासन तंत्र स्थापित करने के लिए 4 में का आंदोलन शुरू किया था।

  महत्व:- 4 में 1919 को चीनी जनता ने तत्कालीन राज भाई शासन और विदेशी शक्तियों के दिनों दिन बढ़ते प्रभाव के विरुद्ध जो स्वतंत्र देश प्राप्तीजन आंदोलन शुरू किया था उसका चीन और विश्व इतिहास में निम्नलिखित महत्व है:-

* यह आंदोलन चीन में विदेशी शक्तियों के बढ़ते प्रभाव के विरुद्ध एक संगठित जन आंदोलन था। 

*इस आंदोलन ने चीनी जनता के अंदर सोई हुई देशभक्ति और राष्ट्रभक्त को जागृत कर दिया।

* इस आंदोलन ने चीन की बिखरी हुई है युवा शक्ति राष्ट्रवादियों साम्राज्यवादियों को एक दूसरे को नजदीक लाने और जोड़ने का काम किया ।जिससे चीन में राष्ट्रीयता के नए युग की शुरुआत हुई। 

*इस आंदोलन ने चीन में शिक्षा कृषि उद्योग व्यापार शासन प्रशासन आदि के क्षेत्र में सुधार को बढ़ावा दिया जिससे चीन आधुनिकता के रास्ते पर चल पड़ा। 

*इस आंदोलन की उग्रता और व्यापकता ने वर्तमान शासन और विदेशी शक्तियों को अपनी गलती मानने के लिए विवश कर दिया जिसके कारण उन्हें 1921-22 में वॉशिंगटन सुधार सम्मेलन आयोजित करना पड़ा ।

*इस आंदोलन के कारण चीन में बौद्धिक जागृति आई चीनी समाज एक पढ़ा लिखा बड़ा वर्ग मार्क्सवादी विचारधारा की ओर उन्मुख हुआ। 

    फलस्वरूप चीन में साम्यवाद का जन्म हुआ इस प्रकार 4 में का आंदोलन चीन के लिए वरदान सिद्ध हुआ जिसमें वह पुरातन से नवीनता की ओर उन्मुख हुआ।

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