Education 12
Q) समस्या प्रधान बच्चों के लिए शिक्षा के महत्व का वर्णन कीजिए
Ans:- शारीरिक दिव्यांग बच्चों के शिक्षा की आवश्यकता:-
दिव्यांग बच्चों के लिए भी सामान्य बच्चों की तरह शिक्षा की आवश्यकता है क्योंकि:-
1) शारीरिक इच्छाओं की पूर्ति में सहायक:- जीवन में सामान्य बच्चों की भांति दिव्यांग बच्चों में भी अनेक तरह के शारीरिक परिवर्तन आते हैं और उसके अनुरूप उनकी आवश्यकताओं में भी वृद्धि होती रहती है शिक्षा इन शारीरिक इच्छाओं की पूर्ति में सहायक था करती है तथा दिव्यांग बच्चों के लिए भी शिक्षा समान रूप से आवश्यकहै।
2) मानसिक इच्छाओं की पूर्ति में सहयोगी:- मानसिक अस्तर पर मनुष्य की इच्छाओं का अंत नहीं है चाहे शारीरिक रूप से स्वस्थ या फिर दिव्यांग सभी के मन में अनेक प्रकार की इच्छाएं जागृत होती है यह एक निर्विवाद सत्य है अगर इस सत्य पर आघात किया जाए तो यह मानव इच्छाओं पर कुतरघाट होगा शिक्षा इन मानसिक इच्छाओं की पूर्ति में सहयोगी है तथा विकलांग बच्चों के लिए भी शिक्षा आवश्यक है।
3) सामन्जस्य स्थापना में सहायक :- सामान्य देखा जाता है कि दिव्यांग बच्चों सामाजिक जीवन में भी सामाजिक परिवेश से कटे रहते हैं और धीरे-धीरे इस तरह के मनोवृति कि उनमें लगातार वृद्धि होने लगती है। अतः समाज के मुख्य धारा से दिव्यांग बच्चों को जोडे़ रखने के लिए उनकी शिक्षा की आवश्यकता होती है।
4)जिज्ञासा वृद्धि में सहायक:- शिक्षा तथा अभिभावकों की विशेष सक्रियता से दिव्यांग बच्चों में भी जीवन के प्रति रुचि और कटुलता के प्रभाव जागृत हो सकते हैं। इसके लिए शिक्षकों को इन बच्चों के प्रति मित्र दार्शनिक और पथ प्रदर्शक की भूमिका में होना होगा तथा दिव्यांग बच्चों में जिज्ञासा को जागृत करने के लिए भी शिक्षा की आवश्यकता होती है।
5) जीविका उपार्जन में सहायक दिव्यांग बच्चे अपनी दिव्यंका के अभिशाप के कारण पूरे जीवन दूसरे पर आर्थिक बनाकर ना रहे इसके लिए आवश्यक है कि उनमें ऐसी मानसिक क्षमता जागृत की जाए उन्हें शारीरिक रूप से इस तरह प्रशिक्षित किया जाए और उनमें ऐसा आत्मविश्वास पैदा किया जाए तो जीवन में आत्मनिर्भर बन जिविकोपार्जन के प्रति उन्मुक्त बन सके।अतः दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षा की आवश्यकता है जो उसे दीपिका उपार्जन में सहायता प्रदान कर सके।
Q2) सर्व शिक्षा अभियान क्या है ?सर्व शिक्षा अभियान को सफल बनाने हेतु पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा उठाए गए आदर्श कदमो का उल्लेख कीजिए।
उतर:- सर्व शिक्षा अभियान सबके लिए शिक्षा के महान उद्देश्य की प्राप्ति के लिए 6 से 14 वर्ष के बीच की आयु के सभी बच्चों को विद्यालय से जोड़कर उसे निर्दिष्ट पाठ्यक्रम के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के देशव्यापी अभियान को ही सर्व शिक्षा अभियान के नाम से जाना जाता है।
सर्व शिक्षा मिशन को सफल बनाने हेतु पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा उठाए गए कदम अभियान की सफलता के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा निम्नलिखित प्रयास किए गए :-
* केंद्रीय सरकार के ही अनुरूप राज्य व सर्व शिक्षा अभियान के वास्तविक सफलता के उद्देश्य से 6 से 14 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को विद्यालय लाने के लिए विभिन्न प्रोग्राम कमेटी या ब्लॉक या वार्ड कमेटी राज्य स्तरीय सर्व शिक्षा समय कमेटी का गठन किया गठन लग गया।
* सर्व शिक्षा अभियान की सफलता के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने स्कूल चलो कार्यक्रम का आरंभ किया जिसका परिणाम संतोषजनक रहा ।
*महिलाओं के मानसिक विकास के द्वारा व्यक्ति स्वतंत्र की भावना के प्रस्फुटन के लिए उन्हें कई प्रकार की सुविधा प्रदान किए गए।
* सामाजिक शिक्षा शैक्षणिक दृष्टि से पिछले संप्रदाय जैसे अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अल्पसंख्यक आदि को मुक्त में पुस्तक वस्त्र तथा अन्य सहयोग सुविधा दी गई।
* ग्राम शिक्षा कमेटी के सदस्य शिक्षकों के साथ मिलकर लोगों के घर-घर जाकर विद्यालय न जाने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें अभिभावकों को अपने बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करने का काम किया है ऐसे चिन्हित विद्यालयों को हराकर दिया गया जिसे देखकर विद्यालयों में आसानी से उन्हें भर्ती कर लिया गया है।
* शिक्षा के स्तर में वृद्धि के लिए प्राथमिक विद्यालयों में पार्सल शिक्षा तथा माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 8 तक पढ़ने के लिए पारा शिक्षकों की नियुक्ति की गई विभिन्न विद्यालयों में एनसीईआरटी द्वारा निर्धारित सीसीई की व्यवस्था की गई।
* सर्व शिक्षा से संबंधित केंद्र नीति में 2010 का सभी बच्चों के लिए कक्षा 8 तक की शिक्षा सुनिश्चित करने की बात कही गई इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए 2004 से 2005 ईस्वी में राज्य में सरकारी प्रयासों से 16049 की शिक्षा केदो की स्थापना की गई जिनमें करीब दो लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं सरकारी प्रयास के साथ ही राज्य में कई गैर सरकारी संस्थान भी सक्रिय है केवल कोलकाता में गैर सरकारी प्रयास से चलने वाले 395 शिशु शिक्षा केदो में करीब 23000 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
* सर्व शिक्षा अभियान के सफलता के लिए पश्चिम बंगाल में स्थानीय प्रतिनिधियों को भी योजना से जोड़ा गया जिनमें सकारात्मक मन योग से काफी मदद मिली है अभियान द्वारा भविष्य के जीवन की सफलता को ध्यान में रखकर पत्र प्राथमिक विद्यालय विभाग के सभापति जिला स्तर के अधिकारी प्रिंट सभी ब्लॉक तथा वार्ड के विकास पर अधिकारी एवं अन्य संबंधी सदस्य तथा संस्थाओं के दायित्व बोथ की भावना के साथ अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हैं जिसका सुंदर परिणाम देखने में आ रहा है।
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